Thursday, February 16, 2012
Bk Song

Har Pal Yaden Shivbaba Ki....
Speaker - Gyan Geet Mala (Hi)
Date: -- | Size: 19.27 MB | Views: 3,145
Har Pal Yaden Shivbaba Ki....
Speaker - Gyan Geet Mala (Hi)
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Murli 16 Feb
मुरली सार:- ''मीठे बच्चे - रोज़ अमृतवेले ज्ञान और योग की वासधूप जगाओ तो विकारों रूपी भूत भाग जायेंगे।
प्रश्न: कौन सी एक भूल अनेक भूतों को अन्दर में प्रवेश कर देती है?
उत्तर: मैं आत्मा हूँ, यह बात भूलने से अन्दर में अनेक भूत प्रवेश हो जाते हैं। देह-अभिमान का भूत सबसे बड़ा है, जिसके पीछे सब आ जाते हैं इसलिए जितना हो सके देही-अभिमानी बनने का पुरूषार्थ करो। गीत:- आज अन्धेरे में हैं इंसान...
प्रश्न: कौन सी एक भूल अनेक भूतों को अन्दर में प्रवेश कर देती है?
उत्तर: मैं आत्मा हूँ, यह बात भूलने से अन्दर में अनेक भूत प्रवेश हो जाते हैं। देह-अभिमान का भूत सबसे बड़ा है, जिसके पीछे सब आ जाते हैं इसलिए जितना हो सके देही-अभिमानी बनने का पुरूषार्थ करो। गीत:- आज अन्धेरे में हैं इंसान...
Points to Churn: Murli of February 16, 2012
ॐ शान्ति दिव्य फरिश्ते !!!
विचार सागर मंथन: फ़रवरी १६, २०१२
विचार सागर मंथन: फ़रवरी १६, २०१२
बाबा की महिमा: परमपिता परमात्मा शिव बाबा हैं...मेरा बाबा...प्यारा बाबा...मीठा बाबा...दयालु बाबा...कृपालु बाबा... सत बाप...सत टीचर...सत गुरु... सर्जन...निराकार... पतित पावन...एवर प्योर्...करनकरावनहार...सुख दाता...रूप बसंत...ज्ञान का सागर...स्टार...
Tuesday, February 14, 2012
Murli 14 Jan
मुरली सार:- ''मीठे बच्चे - माया की बीमारी से छूटने के लिए ज्ञान और योग का एपिल (सेब) रोज़ खाते रहो।'' प्रश्न: कर्मातीत अवस्था में जाने का पुरूषार्थ क्या है? उत्तर: ऐसा अभ्यास करो जो बुद्धि में सिवाए बाप के और कोई की याद न रहे। अन्त मती सो गति... जब ऐसी अवस्था हो जो बुद्धि में कोई भी याद न रहे तब सदा हर्षित भीरहेंगे और कर्मातीत अवस्था को भी पा लेंगे। तुम्हारा पुरूषार्थ ही है आत्म-अभिमानी बनने का। आत्मा, आत्मा को देखे, आत्मा से बात करे तो खुशी होती रहेगी। स्थितिअचल हो जायेगी।
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